जन्माष्टमी 2026 कब है4 सितंबर 2026, शुक्रवार
Janmashtami 2026: 4 September 2026
भाद्रपद (पूर्णिमांत) कृष्ण अष्टमी, मध्यरात्रि में।
स्मार्त और वैष्णव तिथि
इस वर्ष दोनों परंपराएँ एक ही दिन मनाती हैं। स्मार्त: जिस दिन निशीथ (मध्यरात्रि) में अष्टमी हो, रोहिणी नक्षत्र को वरीयता। वैष्णव (इस्कॉन, मथुरा-वृंदावन): सूर्योदय पर अष्टमी, अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) में सप्तमी का स्पर्श नहीं।
जन्माष्टमी 2026 का समय (दिल्ली, IST)
जन्माष्टमी के बारे में · तिथि निर्णय
मथुरा में मध्यरात्रि को श्री कृष्ण का जन्म। भक्त दिन भर व्रत रखते हैं और मध्यरात्रि पूजा के बाद व्रत खोलते हैं।
नियम: स्मार्त: निशीथ (मध्यरात्रि) में अष्टमी, रोहिणी को वरीयता। वैष्णव (इस्कॉन): सूर्योदय पर अष्टमी, अरुणोदय में सप्तमी-विद्धा नहीं। दोनों तिथियों में एक दिन का अंतर हो सकता है। दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति (लाहिड़ी अयनांश, अमांत मास) से गणना; क्षेत्रीय पंचांगों में एक दिन का अंतर हो सकता है।
जन्माष्टमी अन्य वर्षों में
इसी महीने
सवाल-जवाब
जन्माष्टमी 2026 कब है?
जन्माष्टमी 2026 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को है। कृष्ण अष्टमी 5 सित॰, 12:14 पूर्वाह्न से 5 सित॰, 9:54 अपराह्न तक (दिल्ली, IST)।
जन्माष्टमी की तारीख कैसे तय होती है?
स्मार्त: निशीथ (मध्यरात्रि) में अष्टमी, रोहिणी को वरीयता। वैष्णव (इस्कॉन): सूर्योदय पर अष्टमी, अरुणोदय में सप्तमी-विद्धा नहीं। दोनों तिथियों में एक दिन का अंतर हो सकता है। हम दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति (लाहिड़ी अयनांश, अमांत मास) से गणना करते हैं; क्षेत्रीय पंचांगों में एक दिन का अंतर हो सकता है।