एकादशी मार्च 2027कब है: तिथि और पारण समय
मार्च 2027 में 2 एकादशी। दिल्ली, IST; दूसरे शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।
Ekadashi in 2027-03
विजया एकादशी · Vijaya Ekadashi
Gives victory; kept by Shri Ram before crossing to Lanka.
आमलकी एकादशी · Amalaki Ekadashi
Worship of the amla tree; before Holi. Hari Vasara runs past sunrise this time, so parana starts after it.
व्रत विधि
- दशमी को सात्विक भोजन करें और दशमी की शाम से चावल न खाएं।
- एकादशी को स्नान करके तुलसी से विष्णु पूजा करें, ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, एकादशी कथा पढ़ें; अन्न और दालें न खाएं।
- अगली सुबह पारण समय में तुलसी जल और सादे भोजन से व्रत खोलें; हरि वासर में पारण न करें।
नियम: जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी हो (उदया तिथि), उसी दिन व्रत रखा जाता है। पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद, हरि वासर समाप्त होने पर और द्वादशी खत्म होने से पहले किया जाता है।
सवाल-जवाब
एकादशी मार्च 2027 कब है?
विजया एकादशी: 3 मार्च 2027 (बुधवार); आमलकी एकादशी: 18 मार्च 2027 (गुरुवार)।
एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?
परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, विशेषकर चावल, नहीं खाया जाता। व्रत फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े से रखा जाता है; सामर्थ्य हो तो निर्जला।
अगर एकादशी दो दिन हो तो व्रत कब रखें?
जब एकादशी दो सूर्योदयों को छूती है, तो स्मार्त परिवार आमतौर पर पहले दिन और वैष्णव (इस्कॉन) भक्त दूसरे दिन व्रत रखते हैं। हम पहला दिन दिखाते हैं।