KundliJyotiFull report

एकादशी 2026–2028तिथि, पारण समय और व्रत सूची

ग्यारहवीं तिथि, भगवान विष्णु का व्रत · महीने में दो बार। दिल्ली, IST; दूसरे शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।

Ekadashi dates 2026–2028

अगली एकादशी · 3 दिन बाद
5 नवंबर 2026
रमा एकादशी · गुरुवार
कृष्ण एकादशी: 4 नव॰, 11:03 पूर्वाह्न → 5 नव॰, 10:36 पूर्वाह्नपारण: 6 नव॰, 6:36 पूर्वाह्न – 9:56 पूर्वाह्नद्वादशी समाप्त: 6 नव॰, 10:31 पूर्वाह्न

Before Diwali; Lakshmi (Rama) and Vishnu puja.

सभी एकादशी तिथियाँ

जनवरी 2026

14
जन॰ · बुध
षटतिला एकादशी
कृष्ण एकादशी · 13 जन॰, 3:18 अपराह्न → 14 जन॰, 5:53 अपराह्न
पारण: 15 जन॰, 7:14 पूर्वाह्न – 10:34 पूर्वाह्न
Shattila Ekadashi
29
जन॰ · गुरु
जया एकादशी
शुक्ल एकादशी · 28 जन॰, 4:36 अपराह्न → 29 जन॰, 1:55 अपराह्न
पारण: 30 जन॰, 7:10 पूर्वाह्न – 10:30 पूर्वाह्न
Jaya Ekadashi

फ़रवरी 2026

13
फ़र॰ · शुक्र
विजया एकादशी
कृष्ण एकादशी · 12 फ़र॰, 12:23 अपराह्न → 13 फ़र॰, 2:26 अपराह्न
पारण: 14 फ़र॰, 7:00 पूर्वाह्न – 10:20 पूर्वाह्न
Vijaya Ekadashi
27
फ़र॰ · शुक्र
आमलकी एकादशी
शुक्ल एकादशी · 27 फ़र॰, 12:34 पूर्वाह्न → 27 फ़र॰, 10:33 अपराह्न
पारण: 28 फ़र॰, 6:47 पूर्वाह्न – 10:07 पूर्वाह्न
Amalaki Ekadashi

मार्च 2026

15
मार्च · रवि
पापमोचिनी एकादशी
कृष्ण एकादशी · 14 मार्च, 8:11 पूर्वाह्न → 15 मार्च, 9:17 पूर्वाह्न
पारण: 16 मार्च, 6:30 पूर्वाह्न – 9:41 पूर्वाह्न
Papmochani Ekadashi
29
मार्च · रवि
कामदा एकादशी
शुक्ल एकादशी · 28 मार्च, 8:46 पूर्वाह्न → 29 मार्च, 7:46 पूर्वाह्न
पारण: 30 मार्च, 6:13 पूर्वाह्न – 7:10 पूर्वाह्न
Kamada Ekadashi

अप्रैल 2026

13
अप्रैल · सोम
वरूथिनी एकादशी
कृष्ण एकादशी · 13 अप्रैल, 1:17 पूर्वाह्न → 14 अप्रैल, 1:09 पूर्वाह्न
पारण: 14 अप्रैल, 6:55 पूर्वाह्न – 8:55 पूर्वाह्न
Varuthini Ekadashi
27
अप्रैल · सोम
मोहिनी एकादशी
शुक्ल एकादशी · 26 अप्रैल, 6:07 अपराह्न → 27 अप्रैल, 6:16 अपराह्न
पारण: 28 अप्रैल, 5:43 पूर्वाह्न – 9:03 पूर्वाह्न
Mohini Ekadashi

मई 2026

13
मई · बुध
अपरा एकादशी
कृष्ण एकादशी · 12 मई, 2:53 अपराह्न → 13 मई, 1:30 अपराह्न
पारण: 14 मई, 5:31 पूर्वाह्न – 8:51 पूर्वाह्न
Apara Ekadashi
26
मई · मंगल
पद्मिनी एकादशी
शुक्ल एकादशी · 26 मई, 5:11 पूर्वाह्न → 27 मई, 6:22 पूर्वाह्न
पारण: 28 मई, 5:24 पूर्वाह्न – 7:57 पूर्वाह्न
Padmini Ekadashi

जून 2026

11
जून · गुरु
परमा एकादशी
कृष्ण एकादशी · 11 जून, 12:58 पूर्वाह्न → 11 जून, 10:37 अपराह्न
पारण: 12 जून, 5:22 पूर्वाह्न – 8:42 पूर्वाह्न
Parama Ekadashi
25
जून · गुरु
निर्जला एकादशी
शुक्ल एकादशी · 24 जून, 6:13 अपराह्न → 25 जून, 8:09 अपराह्न
पारण: 26 जून, 5:25 पूर्वाह्न – 8:45 पूर्वाह्न
Nirjala Ekadashi

जुलाई 2026

10
जुल॰ · शुक्र
योगिनी एकादशी
कृष्ण एकादशी · 10 जुल॰, 8:17 पूर्वाह्न → 11 जुल॰, 5:23 पूर्वाह्न
पारण: 11 जुल॰, 10:33 पूर्वाह्न – 12:33 अपराह्न
Yogini Ekadashi
25
जुल॰ · शनि
देवशयनी एकादशी
शुक्ल एकादशी · 24 जुल॰, 9:13 पूर्वाह्न → 25 जुल॰, 11:34 पूर्वाह्न
पारण: 26 जुल॰, 5:39 पूर्वाह्न – 8:59 पूर्वाह्न
Devshayani Ekadashi

अगस्त 2026

9
अग॰ · रवि
कामिका एकादशी
कृष्ण एकादशी · 8 अग॰, 2:00 अपराह्न → 9 अग॰, 11:05 पूर्वाह्न
पारण: 10 अग॰, 5:47 पूर्वाह्न – 8:01 पूर्वाह्न
Kamika Ekadashi
23
अग॰ · रवि
श्रावण पुत्रदा एकादशी
शुक्ल एकादशी · 23 अग॰, 2:00 पूर्वाह्न → 24 अग॰, 4:19 पूर्वाह्न
पारण: 24 अग॰, 10:50 पूर्वाह्न – 12:50 अपराह्न
Shravana Putrada Ekadashi

सितंबर 2026

7
सित॰ · सोम
अजा एकादशी
कृष्ण एकादशी · 6 सित॰, 7:29 अपराह्न → 7 सित॰, 5:04 अपराह्न
पारण: 8 सित॰, 6:02 पूर्वाह्न – 9:22 पूर्वाह्न
Aja Ekadashi
22
सित॰ · मंगल
परिवर्तिनी एकादशी
शुक्ल एकादशी · 21 सित॰, 8:01 अपराह्न → 22 सित॰, 9:43 अपराह्न
पारण: 23 सित॰, 6:09 पूर्वाह्न – 9:29 पूर्वाह्न
Parivartini Ekadashi

अक्टूबर 2026

6
अक्टू॰ · मंगल
इंदिरा एकादशी
कृष्ण एकादशी · 6 अक्टू॰, 2:07 पूर्वाह्न → 7 अक्टू॰, 12:35 पूर्वाह्न
पारण: 7 अक्टू॰, 6:17 पूर्वाह्न – 9:37 पूर्वाह्न
Indira Ekadashi
22
अक्टू॰ · गुरु
पापांकुशा एकादशी
शुक्ल एकादशी · 21 अक्टू॰, 2:12 अपराह्न → 22 अक्टू॰, 2:48 अपराह्न
पारण: 23 अक्टू॰, 6:26 पूर्वाह्न – 9:46 पूर्वाह्न
Papankusha Ekadashi

एकादशी के बारे में

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है। भक्त एकादशी के सूर्योदय से व्रत रखते हैं (निर्जला, फलाहार या बिना अन्न) और द्वादशी की सुबह पारण करते हैं। साल की 24 एकादशियों का अपना-अपना नाम और कथा है।

व्रत विधि

  • दशमी को सात्विक भोजन करें और दशमी की शाम से चावल न खाएं।
  • एकादशी को स्नान करके तुलसी से विष्णु पूजा करें, ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, एकादशी कथा पढ़ें; अन्न और दालें न खाएं।
  • अगली सुबह पारण समय में तुलसी जल और सादे भोजन से व्रत खोलें; हरि वासर में पारण न करें।

नियम: जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी हो (उदया तिथि), उसी दिन व्रत रखा जाता है। पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद, हरि वासर समाप्त होने पर और द्वादशी खत्म होने से पहले किया जाता है। दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से गणना, IST। महीनों के नाम पूर्णिमांत (उत्तर भारत) हैं; अमांत कैलेंडर (गुजरात, महाराष्ट्र, दक्षिण भारत) में कृष्ण पक्ष की तिथियाँ पिछले महीने के नाम से आती हैं।

सवाल-जवाब

अगली एकादशी कब है?

रमा एकादशी 5 नवंबर 2026 (गुरुवार) को है। कृष्ण एकादशी 4 नव॰, 11:03 पूर्वाह्न से 5 नव॰, 10:36 पूर्वाह्न तक (दिल्ली, IST)।

एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?

परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, विशेषकर चावल, नहीं खाया जाता। व्रत फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े से रखा जाता है; सामर्थ्य हो तो निर्जला।

अगर एकादशी दो दिन हो तो व्रत कब रखें?

जब एकादशी दो सूर्योदयों को छूती है, तो स्मार्त परिवार आमतौर पर पहले दिन और वैष्णव (इस्कॉन) भक्त दूसरे दिन व्रत रखते हैं। हम पहला दिन दिखाते हैं।

पारण और हरि वासर क्या है?

द्वादशी की सुबह व्रत खोलना पारण है। द्वादशी का पहला चौथाई भाग हरि वासर कहलाता है, इसमें व्रत नहीं खोलना चाहिए। द्वादशी बीत जाने के बाद पारण दोष माना जाता है।

और व्रत