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एकादशी नवंबर 2028कब है: तिथि और पारण समय

13 नवंबर 2028 · सोमवार27 नवंबर 2028 · सोमवार

नवंबर 2028 में 2 एकादशी। दिल्ली, IST; दूसरे शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।

Ekadashi in 2028-11

उत्पन्ना एकादशी · Utpanna Ekadashi

13 नवंबर 2028 सोमवार

Birth of Ekadashi devi; the best day to start Ekadashi fasts. Dwadashi ends before the parana sunrise, so break the fast right after sunrise.

मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष
कृष्ण एकादशी प्रारंभ
12 नव॰, 9:31 पूर्वाह्न
कृष्ण एकादशी समाप्त
13 नव॰, 6:42 पूर्वाह्न
पारण
14 नव॰, 6:43 पूर्वाह्न – 10:03 पूर्वाह्न
द्वादशी समाप्त
14 नव॰, 3:41 पूर्वाह्न

मोक्षदा एकादशी · Mokshada Ekadashi

27 नवंबर 2028 सोमवार

Gita Jayanti; gives moksha to ancestors. Hari Vasara runs past sunrise this time, so parana starts after it.

मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष
शुक्ल एकादशी प्रारंभ
26 नव॰, 11:59 अपराह्न
शुक्ल एकादशी समाप्त
28 नव॰, 2:18 पूर्वाह्न
पारण
28 नव॰, 8:47 पूर्वाह्न – 10:47 पूर्वाह्न
द्वादशी समाप्त
29 नव॰, 4:14 पूर्वाह्न
हरि वासर समाप्त
28 नव॰, 8:47 पूर्वाह्न

व्रत विधि

  • दशमी को सात्विक भोजन करें और दशमी की शाम से चावल न खाएं।
  • एकादशी को स्नान करके तुलसी से विष्णु पूजा करें, ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, एकादशी कथा पढ़ें; अन्न और दालें न खाएं।
  • अगली सुबह पारण समय में तुलसी जल और सादे भोजन से व्रत खोलें; हरि वासर में पारण न करें।

नियम: जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी हो (उदया तिथि), उसी दिन व्रत रखा जाता है। पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद, हरि वासर समाप्त होने पर और द्वादशी खत्म होने से पहले किया जाता है।

सवाल-जवाब

एकादशी नवंबर 2028 कब है?

उत्पन्ना एकादशी: 13 नवंबर 2028 (सोमवार); मोक्षदा एकादशी: 27 नवंबर 2028 (सोमवार)।

एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?

परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, विशेषकर चावल, नहीं खाया जाता। व्रत फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े से रखा जाता है; सामर्थ्य हो तो निर्जला।

अगर एकादशी दो दिन हो तो व्रत कब रखें?

जब एकादशी दो सूर्योदयों को छूती है, तो स्मार्त परिवार आमतौर पर पहले दिन और वैष्णव (इस्कॉन) भक्त दूसरे दिन व्रत रखते हैं। हम पहला दिन दिखाते हैं।