अमावस्या 2026–2028तिथि, तिथि समय और व्रत सूची
नया चंद्र · पितृ तर्पण। दिल्ली, IST; दूसरे शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।
Amavasya dates 2026–2028
Somvati: peepal puja and snan-daan.
सभी अमावस्या तिथियाँ
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अमावस्या के बारे में
अमावस्या कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन है, जब चंद्रमा दिखाई नहीं देता। यह पितरों के तर्पण, श्राद्ध, दान और पवित्र स्नान का दिन है। सोमवती, शनि और मौनी अमावस्या विशेष मानी जाती हैं; कार्तिक अमावस्या को दिवाली मनाई जाती है।
व्रत विधि
- सुबह स्नान करके पितरों को जल, तिल और कुशा से तर्पण दें।
- गरीबों को भोजन, वस्त्र या अन्न दान करें; पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं।
- शाम को दक्षिण दिशा में दीपक जलाएं; नया काम शुरू करने से बचें।
नियम: जिस दिन सूर्योदय पर अमावस्या हो, वह दिन दिखाया गया है। श्राद्ध और तर्पण के लिए अपराह्न में अमावस्या होना देखा जाता है। दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से गणना, IST। महीनों के नाम पूर्णिमांत (उत्तर भारत) हैं; अमांत कैलेंडर (गुजरात, महाराष्ट्र, दक्षिण भारत) में कृष्ण पक्ष की तिथियाँ पिछले महीने के नाम से आती हैं।
सवाल-जवाब
अगली अमावस्या कब है?
सोमवती कार्तिक अमावस्या 9 नवंबर 2026 (सोमवार) को है। अमावस्या 8 नव॰, 11:28 पूर्वाह्न से 9 नव॰, 12:31 अपराह्न तक (दिल्ली, IST)।
अमावस्या पर क्या नहीं करना चाहिए?
परंपरा के अनुसार अमावस्या पर नए काम, खरीदारी या शुभ कार्य की शुरुआत से बचा जाता है; यह दिन पूजा, तर्पण और दान के लिए है।
सोमवती अमावस्या क्या है?
सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या सोमवती अमावस्या कहलाती है। सुहागिन महिलाएं इस दिन पीपल की परिक्रमा और पति की लंबी आयु के लिए व्रत करती हैं।