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प्रदोष व्रत 2026–2028तिथि, प्रदोष काल समय और व्रत सूची

संध्या के समय त्रयोदशी · शिव पूजा। दिल्ली, IST; दूसरे शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।

Pradosh Vrat dates 2026–2028

अगली प्रदोष व्रत · 4 दिन बाद
6 नवंबर 2026
शुक्र प्रदोष व्रत · शुक्रवार
कृष्ण त्रयोदशी: 6 नव॰, 10:31 पूर्वाह्न → 7 नव॰, 10:48 पूर्वाह्नप्रदोष काल: 5:32 अपराह्न – 7:56 अपराह्न

Kartika Krishna Trayodashi. Shiva–Parvati puja at dusk.

सभी प्रदोष व्रत तिथियाँ

जनवरी 2026

1
जन॰ · गुरु
गुरु प्रदोष व्रत
शुक्ल त्रयोदशी · 1 जन॰, 1:48 पूर्वाह्न → 1 जन॰, 10:23 अपराह्न
प्रदोष काल: 5:35 अपराह्न – 7:59 अपराह्न
Guru Pradosh Vrat
16
जन॰ · शुक्र
शुक्र प्रदोष व्रत
कृष्ण त्रयोदशी · 15 जन॰, 8:17 अपराह्न → 16 जन॰, 10:22 अपराह्न
प्रदोष काल: 5:47 अपराह्न – 8:11 अपराह्न
Shukra Pradosh Vrat
30
जन॰ · शुक्र
शुक्र प्रदोष व्रत
शुक्ल त्रयोदशी · 30 जन॰, 11:10 पूर्वाह्न → 31 जन॰, 8:26 पूर्वाह्न
प्रदोष काल: 5:58 अपराह्न – 8:22 अपराह्न
Shukra Pradosh Vrat

फ़रवरी 2026

14
फ़र॰ · शनि
शनि प्रदोष व्रत
कृष्ण त्रयोदशी · 14 फ़र॰, 4:02 अपराह्न → 15 फ़र॰, 5:05 अपराह्न
प्रदोष काल: 6:10 अपराह्न – 8:34 अपराह्न
Shani Pradosh Vrat

मार्च 2026

1
मार्च · रवि
रवि प्रदोष व्रत
शुक्ल त्रयोदशी · 28 फ़र॰, 8:43 अपराह्न → 1 मार्च, 7:10 अपराह्न
प्रदोष काल: 6:20 अपराह्न – 7:10 अपराह्न
Ravi Pradosh Vrat
16
मार्च · सोम
सोम प्रदोष व्रत
कृष्ण त्रयोदशी · 16 मार्च, 9:41 पूर्वाह्न → 17 मार्च, 9:23 पूर्वाह्न
प्रदोष काल: 6:30 अपराह्न – 8:54 अपराह्न
Som Pradosh Vrat
30
मार्च · सोम
सोम प्रदोष व्रत
शुक्ल त्रयोदशी · 30 मार्च, 7:10 पूर्वाह्न → 31 मार्च, 6:56 पूर्वाह्न
प्रदोष काल: 6:37 अपराह्न – 9:01 अपराह्न
Som Pradosh Vrat

अप्रैल 2026

15
अप्रैल · बुध
बुध प्रदोष व्रत
कृष्ण त्रयोदशी · 15 अप्रैल, 12:13 पूर्वाह्न → 15 अप्रैल, 10:31 अपराह्न
प्रदोष काल: 6:46 अपराह्न – 9:10 अपराह्न
Budh Pradosh Vrat
28
अप्रैल · मंगल
भौम प्रदोष व्रत
शुक्ल त्रयोदशी · 28 अप्रैल, 6:52 अपराह्न → 29 अप्रैल, 7:52 अपराह्न
प्रदोष काल: 6:54 अपराह्न – 9:18 अपराह्न
Bhaum Pradosh Vrat

मई 2026

14
मई · गुरु
गुरु प्रदोष व्रत
कृष्ण त्रयोदशी · 14 मई, 11:21 पूर्वाह्न → 15 मई, 8:31 पूर्वाह्न
प्रदोष काल: 7:04 अपराह्न – 9:28 अपराह्न
Guru Pradosh Vrat
28
मई · गुरु
गुरु प्रदोष व्रत
शुक्ल त्रयोदशी · 28 मई, 7:57 पूर्वाह्न → 29 मई, 9:51 पूर्वाह्न
प्रदोष काल: 7:12 अपराह्न – 9:36 अपराह्न
Guru Pradosh Vrat

जून 2026

12
जून · शुक्र
शुक्र प्रदोष व्रत
कृष्ण त्रयोदशी · 12 जून, 7:37 अपराह्न → 13 जून, 4:08 अपराह्न
प्रदोष काल: 7:19 अपराह्न – 9:43 अपराह्न
Shukra Pradosh Vrat
27
जून · शनि
शनि प्रदोष व्रत
शुक्ल त्रयोदशी · 26 जून, 10:22 अपराह्न → 28 जून, 12:44 पूर्वाह्न
प्रदोष काल: 7:22 अपराह्न – 9:46 अपराह्न
Shani Pradosh Vrat

जुलाई 2026

12
जुल॰ · रवि
रवि प्रदोष व्रत
कृष्ण त्रयोदशी · 12 जुल॰, 2:04 पूर्वाह्न → 12 जुल॰, 10:30 अपराह्न
प्रदोष काल: 7:21 अपराह्न – 9:45 अपराह्न
Ravi Pradosh Vrat
26
जुल॰ · रवि
रवि प्रदोष व्रत
शुक्ल त्रयोदशी · 26 जुल॰, 1:58 अपराह्न → 27 जुल॰, 4:15 अपराह्न
प्रदोष काल: 7:15 अपराह्न – 9:39 अपराह्न
Ravi Pradosh Vrat

अगस्त 2026

10
अग॰ · सोम
सोम प्रदोष व्रत
कृष्ण त्रयोदशी · 10 अग॰, 8:01 पूर्वाह्न → 11 अग॰, 4:54 पूर्वाह्न
प्रदोष काल: 7:05 अपराह्न – 9:29 अपराह्न
Som Pradosh Vrat
25
अग॰ · मंगल
भौम प्रदोष व्रत
शुक्ल त्रयोदशी · 25 अग॰, 6:21 पूर्वाह्न → 26 अग॰, 7:59 पूर्वाह्न
प्रदोष काल: 6:50 अपराह्न – 9:14 अपराह्न
Bhaum Pradosh Vrat

सितंबर 2026

8
सित॰ · मंगल
भौम प्रदोष व्रत
कृष्ण त्रयोदशी · 8 सित॰, 2:43 अपराह्न → 9 सित॰, 12:31 अपराह्न
प्रदोष काल: 6:34 अपराह्न – 8:58 अपराह्न
Bhaum Pradosh Vrat
24
सित॰ · गुरु
गुरु प्रदोष व्रत
शुक्ल त्रयोदशी · 23 सित॰, 10:51 अपराह्न → 24 सित॰, 11:18 अपराह्न
प्रदोष काल: 6:15 अपराह्न – 8:39 अपराह्न
Guru Pradosh Vrat

अक्टूबर 2026

8
अक्टू॰ · गुरु
गुरु प्रदोष व्रत
कृष्ण त्रयोदशी · 7 अक्टू॰, 11:16 अपराह्न → 8 अक्टू॰, 10:16 अपराह्न
प्रदोष काल: 5:59 अपराह्न – 8:23 अपराह्न
Guru Pradosh Vrat
23
अक्टू॰ · शुक्र
शुक्र प्रदोष व्रत
शुक्ल त्रयोदशी · 23 अक्टू॰, 2:36 अपराह्न → 24 अक्टू॰, 1:37 अपराह्न
प्रदोष काल: 5:43 अपराह्न – 8:07 अपराह्न
Shukra Pradosh Vrat

प्रदोष व्रत के बारे में

हर पक्ष की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत रखा जाता है। सूर्यास्त के बाद का प्रदोष काल भगवान शिव की पूजा का सबसे शुभ समय है। सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष और शनिवार को शनि प्रदोष कहते हैं।

व्रत विधि

  • दिन भर व्रत रखें, फलाहार कर सकते हैं।
  • सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र चढ़ाएं और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें।
  • प्रदोष व्रत कथा पढ़ें और पूजा के बाद व्रत खोलें।

नियम: जिस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद लगभग 1.5 घंटे) में त्रयोदशी हो, उसी दिन व्रत रखा जाता है। दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से गणना, IST। महीनों के नाम पूर्णिमांत (उत्तर भारत) हैं; अमांत कैलेंडर (गुजरात, महाराष्ट्र, दक्षिण भारत) में कृष्ण पक्ष की तिथियाँ पिछले महीने के नाम से आती हैं।

सवाल-जवाब

अगली प्रदोष व्रत कब है?

शुक्र प्रदोष व्रत 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार) को है। कृष्ण त्रयोदशी 6 नव॰, 10:31 पूर्वाह्न से 7 नव॰, 10:48 पूर्वाह्न तक (दिल्ली, IST)।

प्रदोष काल कब होता है?

सूर्यास्त से लगभग 1 घंटा 30 मिनट तक का समय प्रदोष काल है। हम दिल्ली के सूर्यास्त के अनुसार समय दिखाते हैं।

शनि प्रदोष का क्या महत्व है?

शनिवार को पड़ने वाला प्रदोष शनि प्रदोष कहलाता है; संतान सुख और शनि दोष शांति के लिए इसे विशेष माना जाता है।

और व्रत