प्रदोष व्रत 2026–2028तिथि, प्रदोष काल समय और व्रत सूची
संध्या के समय त्रयोदशी · शिव पूजा। दिल्ली, IST; दूसरे शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।
Pradosh Vrat dates 2026–2028
Kartika Krishna Trayodashi. Shiva–Parvati puja at dusk.
सभी प्रदोष व्रत तिथियाँ
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प्रदोष व्रत अगस्त 2028 →
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प्रदोष व्रत अक्टूबर 2028 →
प्रदोष व्रत नवंबर 2028 →
प्रदोष व्रत दिसंबर 2028 →
प्रदोष व्रत के बारे में
हर पक्ष की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत रखा जाता है। सूर्यास्त के बाद का प्रदोष काल भगवान शिव की पूजा का सबसे शुभ समय है। सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष और शनिवार को शनि प्रदोष कहते हैं।
व्रत विधि
- दिन भर व्रत रखें, फलाहार कर सकते हैं।
- सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र चढ़ाएं और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें।
- प्रदोष व्रत कथा पढ़ें और पूजा के बाद व्रत खोलें।
नियम: जिस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद लगभग 1.5 घंटे) में त्रयोदशी हो, उसी दिन व्रत रखा जाता है। दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से गणना, IST। महीनों के नाम पूर्णिमांत (उत्तर भारत) हैं; अमांत कैलेंडर (गुजरात, महाराष्ट्र, दक्षिण भारत) में कृष्ण पक्ष की तिथियाँ पिछले महीने के नाम से आती हैं।
सवाल-जवाब
अगली प्रदोष व्रत कब है?
शुक्र प्रदोष व्रत 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार) को है। कृष्ण त्रयोदशी 6 नव॰, 10:31 पूर्वाह्न से 7 नव॰, 10:48 पूर्वाह्न तक (दिल्ली, IST)।
प्रदोष काल कब होता है?
सूर्यास्त से लगभग 1 घंटा 30 मिनट तक का समय प्रदोष काल है। हम दिल्ली के सूर्यास्त के अनुसार समय दिखाते हैं।
शनि प्रदोष का क्या महत्व है?
शनिवार को पड़ने वाला प्रदोष शनि प्रदोष कहलाता है; संतान सुख और शनि दोष शांति के लिए इसे विशेष माना जाता है।