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एकादशी मई 2027कब है: तिथि और पारण समय

2 मई 2027 · रविवार16 मई 2027 · रविवार

मई 2027 में 2 एकादशी। दिल्ली, IST; दूसरे शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।

Ekadashi in 2027-05

वरूथिनी एकादशी · Varuthini Ekadashi

2 मई 2027 रविवार

Gives protection (varutha) and good fortune; charity is praised.

मास (पूर्णिमांत)
वैशाख कृष्ण पक्ष
कृष्ण एकादशी प्रारंभ
1 मई, 6:54 अपराह्न
कृष्ण एकादशी समाप्त
2 मई, 7:52 अपराह्न
पारण
3 मई, 5:39 पूर्वाह्न – 8:59 पूर्वाह्न
द्वादशी समाप्त
3 मई, 8:04 अपराह्न

मोहिनी एकादशी · Mohini Ekadashi

16 मई 2027 रविवार

Vishnu's Mohini form; frees from attachment and sorrow.

मास (पूर्णिमांत)
वैशाख शुक्ल पक्ष
शुक्ल एकादशी प्रारंभ
15 मई, 6:18 अपराह्न
शुक्ल एकादशी समाप्त
16 मई, 5:13 अपराह्न
पारण
17 मई, 5:29 पूर्वाह्न – 8:49 पूर्वाह्न
द्वादशी समाप्त
17 मई, 4:28 अपराह्न

व्रत विधि

  • दशमी को सात्विक भोजन करें और दशमी की शाम से चावल न खाएं।
  • एकादशी को स्नान करके तुलसी से विष्णु पूजा करें, ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, एकादशी कथा पढ़ें; अन्न और दालें न खाएं।
  • अगली सुबह पारण समय में तुलसी जल और सादे भोजन से व्रत खोलें; हरि वासर में पारण न करें।

नियम: जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी हो (उदया तिथि), उसी दिन व्रत रखा जाता है। पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद, हरि वासर समाप्त होने पर और द्वादशी खत्म होने से पहले किया जाता है।

सवाल-जवाब

एकादशी मई 2027 कब है?

वरूथिनी एकादशी: 2 मई 2027 (रविवार); मोहिनी एकादशी: 16 मई 2027 (रविवार)।

एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?

परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, विशेषकर चावल, नहीं खाया जाता। व्रत फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े से रखा जाता है; सामर्थ्य हो तो निर्जला।

अगर एकादशी दो दिन हो तो व्रत कब रखें?

जब एकादशी दो सूर्योदयों को छूती है, तो स्मार्त परिवार आमतौर पर पहले दिन और वैष्णव (इस्कॉन) भक्त दूसरे दिन व्रत रखते हैं। हम पहला दिन दिखाते हैं।