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एकादशी जून 2027कब है: तिथि और पारण समय

1 जून 2027 · मंगलवार14 जून 2027 · सोमवार30 जून 2027 · बुधवार

जून 2027 में 3 एकादशी। दिल्ली, IST; दूसरे शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।

Ekadashi in 2027-06

अपरा एकादशी · Apara Ekadashi

1 जून 2027 मंगलवार

Gives boundless (apar) merit and removes grave sins.

मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष
कृष्ण एकादशी प्रारंभ
31 मई, 10:03 पूर्वाह्न
कृष्ण एकादशी समाप्त
1 जून, 9:40 पूर्वाह्न
पारण
2 जून, 5:23 पूर्वाह्न – 8:29 पूर्वाह्न
द्वादशी समाप्त
2 जून, 8:29 पूर्वाह्न

निर्जला एकादशी · Nirjala Ekadashi

14 जून 2027 सोमवार

The waterless fast of Bhima; equal to all 24 Ekadashis. Hari Vasara runs past sunrise this time, so parana starts after it.

मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष
शुक्ल एकादशी प्रारंभ
14 जून, 2:12 पूर्वाह्न
शुक्ल एकादशी समाप्त
15 जून, 2:08 पूर्वाह्न
पारण
15 जून, 8:14 पूर्वाह्न – 10:14 पूर्वाह्न
द्वादशी समाप्त
16 जून, 2:31 पूर्वाह्न
हरि वासर समाप्त
15 जून, 8:14 पूर्वाह्न

योगिनी एकादशी · Yogini Ekadashi

30 जून 2027 बुधवार

Cures disease; story of the gardener Hemamali.

मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़ कृष्ण पक्ष
कृष्ण एकादशी प्रारंभ
29 जून, 10:04 अपराह्न
कृष्ण एकादशी समाप्त
30 जून, 8:31 अपराह्न
पारण
1 जुल॰, 5:26 पूर्वाह्न – 8:46 पूर्वाह्न
द्वादशी समाप्त
1 जुल॰, 6:15 अपराह्न

व्रत विधि

  • दशमी को सात्विक भोजन करें और दशमी की शाम से चावल न खाएं।
  • एकादशी को स्नान करके तुलसी से विष्णु पूजा करें, ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, एकादशी कथा पढ़ें; अन्न और दालें न खाएं।
  • अगली सुबह पारण समय में तुलसी जल और सादे भोजन से व्रत खोलें; हरि वासर में पारण न करें।

नियम: जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी हो (उदया तिथि), उसी दिन व्रत रखा जाता है। पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद, हरि वासर समाप्त होने पर और द्वादशी खत्म होने से पहले किया जाता है।

सवाल-जवाब

एकादशी जून 2027 कब है?

अपरा एकादशी: 1 जून 2027 (मंगलवार); निर्जला एकादशी: 14 जून 2027 (सोमवार); योगिनी एकादशी: 30 जून 2027 (बुधवार)।

एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?

परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, विशेषकर चावल, नहीं खाया जाता। व्रत फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े से रखा जाता है; सामर्थ्य हो तो निर्जला।

अगर एकादशी दो दिन हो तो व्रत कब रखें?

जब एकादशी दो सूर्योदयों को छूती है, तो स्मार्त परिवार आमतौर पर पहले दिन और वैष्णव (इस्कॉन) भक्त दूसरे दिन व्रत रखते हैं। हम पहला दिन दिखाते हैं।