एकादशी दिसंबर 2027कब है: तिथि और पारण समय
दिसंबर 2027 में 2 एकादशी। दिल्ली, IST; दूसरे शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।
Ekadashi in 2027-12
मोक्षदा एकादशी · Mokshada Ekadashi
Gita Jayanti; gives moksha to ancestors. Hari Vasara runs past sunrise this time, so parana starts after it.
सफला एकादशी · Saphala Ekadashi
Makes efforts fruitful (saphal).
व्रत विधि
- दशमी को सात्विक भोजन करें और दशमी की शाम से चावल न खाएं।
- एकादशी को स्नान करके तुलसी से विष्णु पूजा करें, ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, एकादशी कथा पढ़ें; अन्न और दालें न खाएं।
- अगली सुबह पारण समय में तुलसी जल और सादे भोजन से व्रत खोलें; हरि वासर में पारण न करें।
नियम: जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी हो (उदया तिथि), उसी दिन व्रत रखा जाता है। पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद, हरि वासर समाप्त होने पर और द्वादशी खत्म होने से पहले किया जाता है।
सवाल-जवाब
एकादशी दिसंबर 2027 कब है?
मोक्षदा एकादशी: 9 दिसंबर 2027 (गुरुवार); सफला एकादशी: 23 दिसंबर 2027 (गुरुवार)।
एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?
परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, विशेषकर चावल, नहीं खाया जाता। व्रत फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े से रखा जाता है; सामर्थ्य हो तो निर्जला।
अगर एकादशी दो दिन हो तो व्रत कब रखें?
जब एकादशी दो सूर्योदयों को छूती है, तो स्मार्त परिवार आमतौर पर पहले दिन और वैष्णव (इस्कॉन) भक्त दूसरे दिन व्रत रखते हैं। हम पहला दिन दिखाते हैं।